मंदिर के बाहर एक छोटा सा झाड़ू लगाती हुई लड़की च
ल रही थी। उसके हाथ में फूल थे, जो उसके भाई के लि
ए लाई गई थी। उसका नाम अमृत था, और उसका भाई जाति
के कारण आश्रम में रहता था।
उसके घर के बाहर एक नया बाजार खुल गया। उसकी माँ न
े अमृत को बताया कि वह अब बाजार में काम कर सकती ह
ै, लेकिन उसके भाई के लिए अभी भी नियम बरकरार थे।
एक दिन अमृत बाजार में अपने भाई के लिए खाना लेकर
गई। वहाँ एक लड़का उसे देखकर हंसा। "तुम भी आ
ओगी?"
उसने पूछा। अमृत ने इसे अपने भाई के लिए नहीं समझ
ा।
उसके भाई के जीवन में एक दिन ऐसा आया जब उसे अपने
जाति के नियमों के कारण खाना नहीं मिला। अमृत उसके
लिए खाना लेकर गई, लेकिन उसके भाई के विरोधी लोग
उसे रोक दिए। उन्होंने कहा, "तुम भी वहाँ जा सकती
हो, लेकिन उसके लिए नहीं।"
अमृत ने एक दिन अपने भाई के लिए एक नया खाना बनाया
। वह उसे ले गई और उसके भाई के लिए खाना दिया। उसक
े भाई ने उसे देखकर अचंभित हो गया। "तुम भी आ
ओगी?"
उसने पूछा। अमृत ने जवाब दिया, "हाँ, अब मैं आऊंग
ी।"
उसके भाई के लिए एक नया रास्ता खुल गया। वह अब बाज
ार में जा सकता था, और अमृत उसके साथ जाती रही।
एक दिन उसके भाई ने अमृत को बताया कि वह अब अपने ज
ाति के नियमों के बाहर जा सकता है। अमृत ने उसके ल
िए एक नया रास्ता खोल दिया।
अमृत के जीवन में एक दिन ऐसा आया जब उसे पता चला क
ि वह अब अपने भाई के साथ जा सकती है। वह अब अपने ज
ाति के नियमों के बाहर जा सकती है।
उसके भाई के जीवन में एक नया दिन आया, जब उसे पता
चला कि अमृत उसके साथ जा सकती है।
अमृत के जीवन में एक दिन ऐसा आया जब उसे पता चला क
ि वह अब अपने भाई के साथ जा सकती है।


