1978 के दिल्ली में बर्फ झोंपड़ी बर्फ के नीचे छिप

ी रहती है। एक विद्रोही युवक, अमर, अपने पिता की व

िरासत की खोज में जाता है—एक गुप्त चिट्ठी जिसमें

एक निर्माण बंदरगाह के चिन्ह होते हैं। उसके घर के

पास एक ऐतिहासिक इमारत थी, जिसे 1947 में विभाजन

के बाद बंद कर दिया गया था। उस इमारत में अमर के प

िता ने एक छिपा हुआ डायरी छोड़ दी थी, जिसमें उनके

नाम के साथ एक अजीब नाम लिखा हुआ था: राधिका।

अमर के अध्ययन के दौरान एक महिला दिखाई देती है—एक

बुजुर्ग विद्यालय की शिक्षिका, जिसके हाथ में एक

चिट्ठी थी, जिसमें अमर के पिता के बारे में एक अजी

ब तथ्य लिखा हुआ था: वह एक विद्रोही राजनीतिज्ञ थे

, जो एक छोटे गांव में एक छिपा हुआ जातिविरोधी आंद

ोलन के नेता थे।

अमर राधिका के बारे में खोज में जाता है, लेकिन उस

े पता चलता है कि वह एक विद्रोही लड़ाकू थी, जो अप

ने पति के बाद एक छोटे बच्चे के साथ भाग गई थी। अम

र राधिका के बच्चे के बारे में खोज में जाता है, ल

ेकिन उसे पता चलता है कि वह एक छोटे शहर में एक अस

्पताल में काम करता है, जहां एक छोटे बच्चे के साथ

अपना जीवन बिताता है।

एक रात, अमर अपने पिता की डायरी के अंत में एक छिप

ा हुआ नोट ढूंढता है, जिसमें लिखा हुआ है: “राधिका

ने मेरे बच्चे को अपने नाम पर रखा है, लेकिन वह अ

ब मेरी विरासत के लिए नहीं रह सकता है।” अमर अपने

पिता की विरासत की खोज के अंत में अपने आप को अकेल

ा महसूस करता है, जबकि उसके अपने जीवन में एक नई व

िरासत शुरू हो जाती है।

उस शहर में, एक अजनबी महिला एक अस्पताल में काम कर

ती है, जहां एक छोटे बच्चे के साथ अपना जीवन बितात

ी है, जिसके हाथ में एक छोटा बॉक्स होता है, जिसमे

ं एक चिट्ठी होती है, जिसमें अमर के पिता के बारे

में एक अजीब नाम लिखा हुआ होता है: अमर।

शहर के बीच में, एक छोटे बच्चे के चेहरे पर उदासी

छाई होती है, जबकि उसके आसपास के लोग अपने जीवन मे

ं एक नई विरासत के लिए तैयार होते हैं, जो उन्हें

अकेला छोड़कर आगे बढ़ते हैं।