एक गांव के बाहर चौकी पर तैनात सीमा सुरक्षा जवान

शिव आखिरकार अपने लंबे समय से छिपाए गए इतिहास के

सामने खड़ा होता है। उसकी दादी ने एक बार कहा था क

ि उसके पिता ने 1947 में एक बार अपने गांव को छोड़

दिया था, लेकिन वह अब उसके बारे में कुछ भी नहीं

जानता।

उसके एक दोस्त, जो एक अपराधी के बारे में जानकारी

देता है, उसे अपने गांव के बाहर एक छापा मारने के

लिए ले जाता है। वहाँ वह एक छोटे से बंदरगाह पर पह

ुंचता है, जहां अपराधी लोग अपने अंधेरे काम करते ह

ैं। वहाँ उसे एक छोटा सा बॉक्स मिलता है, जिसमें उ

सके पिता के लेखे और एक पुराना डायरी होता है।

शिव के पिता ने एक बार अपने गांव के लोगों को बचान

े के लिए एक अपराधी जगत में घुस गए थे, लेकिन वह व

ापस नहीं आए। उसके लेखे में लिखा है कि वह एक गांव

के बाहर एक छापा मार रहे थे, जहां अपराधी लोग अपन

े अंधेरे काम करते हैं।

शिव के पास एक नई जांच शुरू होती है, जिसमें वह अप

ने लंबे समय से छिपाए गए इतिहास के सामने खड़ा होत

ा है। वह अपने गांव के बाहर एक अपराधी जगत में घुस

जाता है, जहां उसके पिता के लेखे के बारे में जान

कारी खोजता है।

एक दिन वह एक छोटे से बंदरगाह पर पहुंचता है, जहां

अपराधी लोग अपने अंधेरे काम करते हैं। वहाँ उसे ए

क छोटा सा बॉक्स मिलता है, जिसमें उसके पिता के ले

खे और एक पुराना डायरी होता है।

शिव के पिता ने एक बार अपने गांव के लोगों को बचान

े के लिए एक अपराधी जगत में घुस गए थे, लेकिन वह व

ापस नहीं आए। उसके लेखे में लिखा है कि वह एक गांव

के बाहर एक छापा मार रहे थे, जहां अपराधी लोग अपन

े अंधेरे काम करते हैं।

शिव के पास एक नई जांच शुरू होती है, जिसमें वह अप

ने लंबे समय से छिपाए गए इतिहास के सामने खड़ा होत

ा है। वह अपने गांव के बाहर एक अपराधी जगत में घुस

जाता है, जहां उसके पिता के लेखे के बारे में जान

कारी खोजता है।