माँ ने अपनी बेटी के विवाह के लिए एक शहरी आदमी के

साथ व्यवस्था विवाह कर दिया। उसकी बेटी बाहरी शहर

में रहती है, जहां विभाजन के घाव अभी भी खुले हैं

माँ के घर में एक छोटासा लड़का रहता है, जो अपने प

िता के नाम से बुलाया जाता है। उसके पिता ने स्वतं

त्रता संग्राम में लड़ाई लड़ी और फिर अपने घर लौटा

। अब वह जातिगत विवाद में फंस गया है।

माँ अपने बेटे के बारे में भूल गई है, लेकिन उसकी

बेटी उसकी याद में घायल हो रही है। वह अपने बच्चे

के साथ घर लौटती है, जहां उसके पिता अब एक बुजुर्ग

आदमी बन गए हैं।

माँ अपने बेटे के बारे में जानने की कोशिश करती है

, लेकिन उसके पिता ने उसे भूल दिया है। उसके बच्चे

उसे अपने बाप के नाम से बुलाते हैं, लेकिन वह अपन

े बच्चे को अपना नहीं मानती।

उसकी बेटी अपने बच्चे के साथ वापस लौटती है, जहां

उसके पिता ने अपनी जाति के लोगों के साथ झगड़ा कर

दिया है। वह अपने बच्चे के साथ अपने घर में रहती ह

ै, लेकिन उसके पिता उसे अपना नहीं मानते।

माँ के घर में एक दिन उसके बेटे की जाति के लोग आ

जाते हैं। वे उसके बच्चे के बारे में पूछते हैं, ल

ेकिन उसके पिता उसे अपना नहीं मानते। वे उसे अपने

घर से बाहर निकाल देते हैं।

माँ अपने बच्चे को अपने घर में रखती है, लेकिन उसक

े पिता उसे अपना नहीं मानते। वे उसके बच्चे के साथ

घर छोड़ देते हैं।

माँ अपने बच्चे के साथ घर छोड़ देती है, लेकिन उसक

े पिता उसे अपना नहीं मानते। वे उसके बच्चे के साथ

घर छोड़ देते हैं।

माँ के बच्चे अब अपने घर में रहते हैं, लेकिन उसके

पिता उसे अपना नहीं मानते। वे उसके बच्चे के साथ

घर छोड़ देते हैं।