1947 के बाद के एक अज्ञात देश में, जहाँ धरती के आ
धे हिस्से बर्फ में ढँस गए हैं और बचे हुए लोग अपन
े अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं, एक बुजुर्ग आदमी अ
पने गाँव में चुनाव लड़ता है। इस दुनिया में, एक व
्यक्ति की जीत के लिए अपने घर में एक लाख रुपए के
चुनावी डोलर जमा करना आवश्यक है — जो उस व्यक्ति क
े जीवन के अंत तक उसके घर में रहता है।
आर. विश्वास, एक सामाजिक कार्यकर्ता, अपने गाँव के
चुनाव में जीत के लिए एक लाख रुपए इकट्ठा करता है
। लेकिन उसके पास ऐसा कोई धन नहीं है। उसकी पत्नी
एक विवाहित महिला है जो अपने पति के लिए चुनाव लड़
रही है, लेकिन उसकी बहन ने उसके घर में एक लाख रु
पए की रकम दे दी है। आर. विश्वास के अपने घर में य
ह रकम जमा कर दी जाती है, लेकिन उसकी बहन के बेटे
ने इस रकम को अपने घर में जमा कर दिया है।
उस दिन जब चुनाव घोषित होता है, आर. विश्वास के घर
में रकम खाली हो जाती है। उसकी बहन के बेटे के घर
में रकम बरकरार है। आर. विश्वास के लिए यह एक असफ
लता है। लेकिन उसकी पत्नी एक अपने घर में रकम जमा
करती है और उसके लिए एक दूसरा चुनाव लड़ती है।
इस दुनिया में, एक व्यक्ति के लिए एक लाख रुपए जमा
करना आवश्यक है, लेकिन उस व्यक्ति के घर में रहे
बिना वह जीत नहीं सकता। आर. विश्वास के लिए यह एक
बड़ा झटका है। लेकिन उसकी पत्नी अपने घर में रकम ज
मा करती है और उसके लिए एक नए चुनाव में जीत के लि
ए लड़ती है।
उस दिन जब चुनाव घोषित होता है, आर. विश्वास के घर
में रकम खाली हो जाती है, लेकिन उसकी पत्नी अपने
घर में रकम जमा करती है और उसके लिए एक नए चुनाव म
ें जीत के लिए लड़ती है। आर. विश्वास के लिए यह एक
बड़ा झटका है, लेकिन उसकी पत्नी के लिए यह एक नई
शुरुआत है।
आखिरकार, आर. विश्वास के घर में रकम खाली हो जाती
है, लेकिन उसकी पत्नी के घर में रकम जमा हो जाती ह
ै। वह एक नए चुनाव में जीत जाती है। आर. विश्वास क
े लिए यह एक बड़ा झटका है, लेकिन उसकी पत्नी के लि
ए यह एक नई शुरुआत है।


