उत्तर भारत के एक छोटे शहर में, 1980 के दशक के आर

ंभ में एक पुरानी हवेली बंद रहती है। इस हवेली के

दरवाजे केवल एक विशेष बैठक के बाद खुलते हैं — जो

राजनीतिक अधिकारियों के बीच एक गुप्त रहस्य के रूप

में जाना जाता है। एक दिन, एक भ्रष्ट नेता जयेंद्

र चौधरी इस हवेली में आता है, जहां उसके भाई के शव

को दफन कर दिया गया था।

हवेली के अंदर एक ठंडा हवा के साथ एक बूढ़ा व्यक्त

ि रहता है — जो एक भूत के रूप में जाना जाता है। ज

येंद्र को लगता है कि यह भूत उसके भाई की मृत्यु क

े लिए जिम्मेदार है, जो एक राजनीतिक भ्रष्टाचार के

शिकार बन गया था।

जयेंद्र ने अपने निजी सचिव के माध्यम से एक विशेष

दवा के इस्तेमाल के बारे में एक नई विधि शुरू की,

जो भूत को दूर करने के लिए बनाई गई थी। लेकिन इस द

वा के इस्तेमाल के बाद, भूत अपने असली रूप में दिख

ाई देता है — एक राजनीतिक भ्रष्टाचार के शिकार व्य

क्ति, जिसके हाथ में एक बैंक अकाउंट की डिस्क थी,

जिसमें जयेंद्र के गुप्त राजनीतिक चंदल के रहस्य छ

िपे हुए थे।

जयेंद्र ने अपने दोस्तों और परिवार के सामने इस भू

त को दिखाया, लेकिन उसके अपने भाई के नाम के साथ इ

स भूत के बारे में एक खुलासा हो जाता है। जयेंद्र

को अपने भाई के लिए एक न्याय के लिए अपने गुप्त भ्

रष्टाचार को खोलना पड़ता है, जिससे उसके राजनीतिक

करियर का अंत हो जाता है।

हवेली के दरवाजे अब बंद रहते हैं, और भूत अपने असल

ी रूप में एक नए अपराध के लिए तैयार रहता है — जिस

में जयेंद्र के राजनीतिक भ्रष्टाचार की बर्बरता खु

लासा हो जाती है।

इस घटना के बाद, जयेंद्र ने अपने राजनीतिक करियर क

ो छोड़ दिया, और अपने भाई के लिए एक नए जीवन की शु

रुआत की, जो एक नई राजनीतिक नीति के लिए अपने बर्ब

रता के खिलाफ लड़ाई के रूप में शुरू होता है।

हवेली अब एक ऐतिहासिक स्मारक के रूप में बन जाती ह

ै, जहां भूत की विशेषता अपने भाई के लिए एक नए जीव

न के लिए अपने भूत के रूप में दिखाई देती है।