एक छोटे शहर में, एक ईमानदार पुलिसकर्मी अपने चरखी
पर खड़ा होकर देखता है कि एक अजीब उपकरण बन रहा ह
ै जो विद्युत ऊर्जा के बिना काम करता है। उसका नाम
राजेश है और उसकी जाति एक अशिक्षित जनजाति की है।
उसके ऊपर बड़े अधिकारी नाराज हैं क्योंकि वह इस उ
पकरण के बारे में जांच कर रहा है।
राजेश के चाचा जो एक नागरिक अधिकारी है, उसे चेताव
नी देते हैं कि यह उपकरण जातिगत असमानता को बर्बाद
कर सकता है। वह अपने परिवार के लिए जाति के घोर अ
ंतर के कारण बचता है, लेकिन उसके दिल में एक नया व
िचार उठता है।
एक रात जब उसके चाचा के घर में एक बड़ा जातिगत झगड
़ा होता है, राजेश अपने उपकरण का उपयोग करता है। व
ह एक बिजली के बिना घर के सभी बर्तन तैयार करता है
और उसके चाचा के घर के लिए एक विद्युत ऊर्जा का न
ेटवर्क बना देता है।
उसके चाचा ने उसे बर्खास्त कर दिया, लेकिन शहर के
लोग उसके उपकरण के बारे में बात करने लगे। वह अपने
जाति के लोगों के बीच एक नई ऊर्जा के रूप में उभर
ा।
राजेश ने एक नए तकनीकी आविष्कार के साथ अपने शहर क
े लोगों के बीच एक बदलाव लाया, जो जातिगत संघर्ष क
ो धीरेधीरे कम कर देता है। वह एक नए अधिकार के रूप
में उभरा, जो अपने जाति के लोगों के लिए एक नया अ
वसर बनाता है।


