बॉम्बे के एक छोटे शहर में, 1970 के दशक के अंत मे
ं, एक भ्रष्ट नेता अपने चुनाव चिन्ह के लिए एक खास
त्योहार के आयोजन में डूबा हुआ है। इस त्योहार के
बीच एक विज्ञान कथा की गुप्त तकनीक छिपी हुई है —
एक ऐसा यंत्र जो लोगों के विचारों को अपने अंदर ब
ंद कर सकता है।
नेता के चुनाव चिन्ह के लिए एक विशेष रीति रखी गई
है: एक बच्चे की आँखों में एक छोटा यंत्र लगाकर उस
े एक त्योहार के दौरान नाचने के लिए बाध्य कर दिया
जाता है। यह यंत्र उस बच्चे के मन में एक झूठा वि
चार बुलाता है, जिससे वह नेता के पक्ष में झूठ बोल
ता है।
एक अजनबी अभियोजक इस घटना के पीछे छिपे रहस्य को ख
ोलने के लिए शहर में आता है। वह एक रहस्यमयी त्योह
ार के दौरान उस बच्चे की ओर जाता है, जिसके आँखों
में यंत्र लगा हुआ है। वह बच्चा नेता के विरोध में
अपने विचारों को बदल रहा है, लेकिन यंत्र उसे फिर
से झूठ बोलने के लिए बाध्य कर रहा है।
अभियोजक अपने अनुभव से एक ऐसा तरीका ढूंढता है जिस
से वह यंत्र को बंद कर सके। वह एक रीति के अनुसार
एक पानी के बर्तन में एक लाल फूल डालता है, जिससे
यंत्र अपने काम करने की ऊर्जा खो देता है। बच्चा अ
ब अपने वास्तविक विचारों के साथ बोलता है, और नेता
के चुनाव चिन्ह के लिए बनाए गए झूठे विचार ध्वस्त
हो जाते हैं।
उस दिन के बाद, शहर में एक नया त्योहार शुरू हो जा
ता है — एक ऐसा त्योहार जहां लोग अपने वास्तविक वि
चारों को खोलते हैं, और एक नया रीतिरिवाज बनता है,
जिसमें विज्ञान कथा के यंत्रों के उपयोग पर प्रति
बंध लगा दिया जाता है।


