सामाजिक कार्यकर्ता की बेटी अपने पिता के गृह में
बचपन से लिंग भूमिकाओं के विपरीत दृष्टिकोण देखती
है। वह छोटी होते हुए अपने बाप के बारे में सोचती
है कि वह लिंग के अधिकारों के लिए लड़ते हैं, लेकि
न अपने घर में लड़के को अधिक अहमियत देते हैं। उसक
े छोटे भाई के लिए शिक्षा के लिए ज्यादा प्रयास कर
ते हैं, जबकि उसके लिए केवल घर के काम बांट दिए जा
ते हैं।
अकेले घर में रहकर वह अपने पिता के बारे में सवाल
करने लगती है। उसके एक दोस्त ने उसे एक आधुनिक निय
म बताया कि लड़कियां अपने आप को सामाजिक रूप से बर
ाबर साबित कर सकती हैं, लेकिन उसके पिता के अनुसार
वह अभी तक एक आधुनिक नियम के बाहर है।
उसके एक दोस्त के घर में एक विवाह की तैयारी होती
है। वह देखती है कि लड़की के पिता अपनी बेटी के बा
रे में केवल अपने बेटे के लिए बात करते हैं। वह उस
दिन अपने पिता के सामने खड़ी हो जाती है और बोलती
है कि उसे अपने बाप के विचारों से अलग रहना चाहिए
।
उसके पिता उसके बारे में खुश नहीं होते हैं। वह उस
े घर से बाहर कर देते हैं। उसके दोस्त उसे एक नए न
ियम के साथ ले जाते हैं, जहां लड़कियां अपने आप को
सामाजिक रूप से बराबर साबित कर सकती हैं। वह वहां
जाती है और अपने पिता के विचारों के बजाय अपने आप
को साबित करने का अवसर पाती है।
उसके पिता उसके लिए एक नए नियम के साथ आते हैं, जह
ां लड़कियां अपने आप को सामाजिक रूप से बराबर साबि
त कर सकती हैं। वह अपने पिता के सामने खड़ी हो जात
ी है और बोलती है कि उसे अपने बाप के विचारों से अ
लग रहना चाहिए।
उसके पिता उसके बारे में खुश नहीं होते हैं। वह उस
े घर से बाहर कर देते हैं। उसके दोस्त उसे एक नए न
ियम के साथ ले जाते हैं, जहां लड़कियां अपने आप को
सामाजिक रूप से बराबर साबित कर सकती हैं। वह वहां
जाती है और अपने पिता के विचारों के बजाय अपने आप
को साबित करने का अवसर पाती है।
उसके पिता उसके लिए एक नए नियम के साथ आते हैं, जह
ां लड़कियां अपने आप को सामाजिक रूप से बराबर साबि
त कर सकती हैं। वह अपने पिता के सामने खड़ी हो जात
ी है और बोलती है कि उसे अपने बाप के विचारों से अ
लग रहना चाहिए।


