गाँव के बुद्धिमान राजेश ने अपने दादाजी के छोटे घ

र में एक बूटी के फूल को झाड़ू मारते हुए देखा। उस

के हाथ में बूटी के फूल का छाला आ गया। उसे इसके ब

ाद बाहर जाने पर कोई अस्पष्ट चीज नजर आई, जैसे उसक

े दिमाग में कुछ जानकारी आ गई।

एक दिन, गांव के बुजुर्ग उसे बुलाकर बोले, "राजेश,

तुम एक वरदान ले गए हो। लेकिन इसके साथ एक नियम भ

ी है। जब तुम अपनी इच्छा पूरी करोगे, तो तुम्हारी

आंखों में एक अजीब छाया आ जाएगी। जब वह छाया लाल ह

ो जाएगी, तो तुम जान गंवा दोगे।"

राजेश ने अपने दादाजी के रहस्य के बारे में जानकार

ी खोजने शुरू कर दी। उसके घर में छिपे कुछ खत और प

ुराने चित्र उसे एक ऐतिहासिक घटना से जोड़ देते है

ं—एक दूर के गांव में एक बुद्धिमान आदमी के वरदान

के कारण गांव लाल छाया में डूब गया था।

राजेश अपनी इच्छा के बारे में सोचता है—उसके बच्चे

को जीवित रखना, अपने परिवार के लिए एक अच्छा भविष

्य बनाना। लेकिन जब वह अपनी इच्छा पूरी करता है, त

ो उसकी आंखों में छाया लाल हो जाती है। उसके दादाज

ी उसे बुलाते हैं और कहते हैं, "अब तुम जान गंवा द

ोगे। लेकिन अगर तुम अपने बच्चे को जीवित रखना चाहत

े हो, तो एक और वरदान लेना होगा।"

राजेश ने अपने बच्चे के लिए एक और वरदान ले लिया,

जिससे उसकी आंखों की छाया फिर से गहरी हो जाती है।

लेकिन अब उसके दादाजी उसे बुलाकर कहते हैं, "तुम

एक बार फिर वरदान ले सकते हो, लेकिन इस बार तुम्हा

रे बच्चे के लिए नहीं, बल्कि अपने लिए। लेकिन इस ब

ार तुम्हारी आंखों में छाया लाल हो जाएगी और तुम ज

ान गंवा दोगे।"

राजेश अपने बच्चे के लिए जीवित रहना चाहता है, लेक

िन अब उसके दादाजी उसे बुलाते हैं और कहते हैं, "त

ुमने अब तक दो वरदान ले लिए हैं। अब तुम्हें एक और

वरदान लेना होगा, लेकिन इस बार तुम अपने बच्चे के

लिए नहीं, बल्कि अपने लिए। लेकिन इस बार तुम्हारी

आंखों में छाया लाल हो जाएगी और तुम जान गंवा दोग

े।"