एक शहरी व्यापारी ने अपने बाजार में छोटी दुकान खो

ली, जहां वह घरेलू वस्तुओं के बजाय क्रिकेट बॉल और

बैट बेचता था। उसके पास एक छोटासा कमरा था, जहां

वह अपनी बेटी के साथ रहता था, जो गांधीवादी आदर्शो

ं के साथ बड़ी हुई थी। उसकी बेटी के एक दोस्त ने उ

सके बारे में अफवाहें फैलाईं, जिससे उसके नियमों म

ें बदलाव हुआ।

उसके बाजार में एक नया व्यापारी आ गया, जो एक प्रत

िष्ठित परिवार से आया था। उसके साथ उसकी बेटी एक ख

ेल के दौरान एक दूसरे के पास गई। उस दिन जब वह अपन

ी बेटी के साथ बैठा था, तो उसे एक आवाज आई, जिसमें

उसकी बेटी ने अपने प्रेमी के बारे में बात की। उस

के दिल में अंदरूनी लड़ाई शुरू हो गई।

एक दिन एक क्रिकेट मैच हुआ, जिसमें उसकी बेटी के प

्रेमी ने एक बॉल फेंका और उसकी बेटी उसके ऊपर गिर

गई। उसके दिल में भारी दुख हुआ, लेकिन उसके आसपास

के लोगों ने उसे उठाया। उसके बाद उसकी बेटी उसके ब

ाजार में आई और उसे बताया कि वह उसके साथ रहना चाह

ती है।

उसके बाजार में एक नया नियम बन गया: अब कोई भी व्य

ापारी अपने बच्चों के बारे में निर्णय लेने से मना

नहीं कर सकता। उसके बाजार में अब एक नए बैट की बि

क्री शुरू हो गई, जिसमें एक नए विचार के साथ बच्चो

ं के अधिकार भी शामिल थे।