गाँव के बुद्धिमान को त्योहार के दिन एक अजीब संदे

श मिलता है, जिसमें उसके चाचा के नाम के साथ एक वि

शेष नियम लिखा हुआ है। गाँव के लोग इस त्योहार में

एक रीति के तहत छोटेछोटे उपहार बांटते हैं, लेकिन

इस बार कुछ अलग हो जाता है। बुद्धिमान के घर एक ब

ैग आ जाता है, जिसमें एक छोटा सा बिल्ला होता है औ

र एक नोट लिखा हुआ है: "यह तुम्हारे भाई के जीवन क

ी खातिर है।"

गाँव में त्योहार की तैयारी चल रही है, लेकिन बुद्

धिमान के घर में अफरातफरी मच जाती है। वह अपने चाच

ा के घर जाता है, जहाँ उसे पता चलता है कि उसके भा

ई गाँव से लापता हो गए हैं। चाचा उसे एक खाता देता

है, जिसमें एक खास नियम लिखा हुआ है: "अगर तुम इस

त्योहार में एक नई रीति बनाओगे, तो तुम्हारे भाई

की जान बच जाएगी।"

बुद्धिमान अपने गाँव के लोगों के सामने एक नई रीति

के बारे में बात करता है। वह कहता है कि त्योहार

में हर कोई अपने अंदर के डर को बाहर निकाले, जिससे

वह जीवन में आगे बढ़ सके। लेकिन गाँव के कुछ बुजु

र्ग इस बात से असहमत हो जाते हैं। वे कहते हैं कि

यह एक नई रीति नहीं है, बल्कि एक खतरा है।

त्योहार के दिन बुद्धिमान अपने घर में बैठा होता ह

ै, जब एक बार फिर उसे एक संदेश मिलता है। इस बार उ

समें एक निश्चित समय लिखा हुआ है: "अगर तुम अपने भ

ाई को बचाना चाहते हो, तो अब तक तुम्हारे घर में ए

क अजीब वस्तु है।" बुद्धिमान अपने घर के बारे में

सोचता है, और अचानक एक छोटा सा बैग याद आता है, जि

से वह अपने चाचा से पाया था।

उस बैग में एक छोटा सा खाता होता है, जिसमें एक नि

यम लिखा हुआ है: "यह तुम्हारे भाई के जीवन की खाति

र है।" बुद्धिमान अपने घर में एक छोटा सा बिल्ला र

खता है, जो उसके चाचा के घर से आया था। वह अपने भा

ई के लिए एक नई रीति बनाता है, जिसमें हर कोई अपने

अंदर के डर को बाहर निकाले।

त्योहार के दिन बुद्धिमान के घर में एक बड़ा उत्सव

होता है, जिसमें हर कोई अपने डर को बाहर निकालता

है। गाँव के लोग इस नई रीति से आश्चर्यचकित हो जात

े हैं। बुद्धिमान के भाई अचानक घर आ जाते हैं, जिस

से गाँव में खुशी का माहौल बन जाता है।

त्योहार के दिन एक नई रीति बन जाती है, जिसमें हर

कोई अपने डर को बाहर निकालता है। बुद्धिमान के घर

में एक नई आदत बन जाती है, जिसमें हर कोई अपने अंद

र के डर को बाहर निकालता है।