मंदिर के बाहर एक छोटा गांव है। नाम भूल गई एक औरत
बारीकी से खाना बनाती है, लेकिन एक दिन एक चिट्ठा
उसके घर आता है। उसमें लिखा है कि वह अपने बच्चे
के लिए एक नौकरी के लिए लिखी गई थी, लेकिन अब वह न
ौकरी के लिए एक नई योजना में शामिल हो गई है। उसे
लगता है कि इस चिट्ठे के पीछे कोई खतरा है।
गांव में एक नया नेता आता है। वह अपने दावे में लग
ा हुआ है कि वह गांव के सभी लोगों के बीच एक नई यो
जना लाएगा। लेकिन उसके लोगों में अफसर और जाति के
विरोध बढ़ जाता है। मंदिर के पुजारी एक दिन उस नेत
ा के खिलाफ बोल उठता है। उसे लगता है कि वह अपने ध
र्म के बारे में बोल रहा है, लेकिन वास्तव में वह
गांव के अंदर एक षड्यंत्र के बारे में जान गया है।
महिला अपने बच्चे के लिए एक नौकरी के लिए लिखी गई
थी, लेकिन अब वह नेता के खिलाफ एक चिट्ठा लिखती है
। वह अपने बच्चे के लिए लिखी गई चिट्ठे के बजाय अप
ने आप के लिए लिखती है। वह लिखती है कि वह अपने बच
्चे के लिए नहीं, बल्कि अपने आप के लिए जीना चाहती
है।
उस चिट्ठे के बाद एक दिन गांव के लोग एक बैठक में
बैठते हैं। वह बैठक में बोलती है, लेकिन लोग उसे ब
ोलने की अनुमति नहीं देते। उसके बाद उसे एक चिट्ठा
मिलता है जिसमें लिखा है कि वह अपने बच्चे के लिए
नौकरी के लिए एक नई योजना में शामिल हो गई है।
मंदिर के पुजारी उसके खिलाफ एक चिट्ठा लिखता है। उ
समें लिखा है कि वह अपने धर्म के बारे में बोल रही
है, लेकिन वास्तव में वह अपने आप के लिए जीना चाह
ती है। उसके बाद एक दिन गांव के लोग उसके घर में आ
ते हैं और उसे छोड़ देते हैं।
महिला एक नए गांव में जाती है। वहां उसे एक नौकरी
मिल जाती है। वह अपने बच्चे के लिए जीना चाहती है,
लेकिन अब वह अपने आप के लिए जीना चाहती है।


