उसका नाम रमेश है। वह एक स्थानीय पत्रकार है जो शह

र के आखिरी बाजार में अपने चैनल के लिए खबर लेता ह

ै। आधुनिक दौर ने उसके घर में एक नई जगह बना दी है

— टेलीविजन के बजाय, वह अपने साथी के लिए बातचीत

के स्थान पर बैठता है। उसके घर में अब एक नई गेमिं

ग कॉन्सोल है, जो उसके दादा के विचारों को बदल देत

ा है।

रमेश के पिता ने उसे एक बार बताया था कि जब वह बच्

चा था, तब उसके दादा अकेले घर में बैठे रहते थे, औ

र उनके बारे में कुछ भी नहीं जानते थे। अब रमेश उस

के जीवन के बारे में जानने की कोशिश करता है, लेकि

न वह अपने आप को एक बड़े आशावादी अंत तक पहुंचाता

है।

एक दिन, रमेश अपने दादा के घर में जाता है और उसे

एक छोटी घड़ी देता है। वह घड़ी उसके दादा के घर मे

ं लगी हुई है, जिसे वह हर दिन बजाता है। रमेश इसे

ध्यान से देखता है और अचानक उसके दादा के जीवन के

बारे में एक बड़ा खुलासा होता है — वह एक पौराणिक

कथा के बारे में जानता है, जिसे वह अपने जीवन में

अनुसरण करता है।

रमेश अपने जीवन के बारे में जानता है कि वह एक नई

आशावादी राह पर है। उसके दादा के घर में एक नई जगह

है, जहां वह अपने जीवन के बारे में सोचता है। वह

अपने आप को एक नए रास्ते पर ले जाता है, जहां वह अ

पने दादा के जीवन के बारे में जानता है और उसके अन

ुसार अपने जीवन को बनाता है।

अंत में, रमेश अपने दादा के घर में बैठा है और उसक

े बारे में सोचता है। वह एक नए आशावादी अंत तक पहु

ंचता है, जहां वह अपने जीवन के बारे में सोचता है

और उसके अनुसार अपने जीवन को बनाता है।