1943 में एक छोटे शहर में एक घरेलू नौकर बड़े लोगो

ं के घरों में काम करता है। उसका नाम रामचंद्र है।

उसकी दुनिया छोटी है, लेकिन वह अपने चारों ओर के

लोगों की जिंदगी के बारे में बहुत कुछ जानता है।

उसके मालिक, एक बड़े व्यापारी, अपने दुश्मनों के ख

िलाफ एक छिपा हुआ युद्ध लड़ रहे हैं। रामचंद्र को

अक्सर छोटेछोटे काम दिए जाते हैं, लेकिन एक दिन वह

एक लूट के बारे में सुन जाता है। वह इस बारे में

कुछ जानकारी लेने के लिए अपने मालिक के घर में जात

ा है।

उसके मालिक के घर में एक गुप्त बैठक होती है। वहाँ

बैठे लोग एक नई बाजार के विषय में बात कर रहे हैं

। रामचंद्र ने एक लाल चूड़ी देखी जो एक नामी गैंगस

्टर के लिए भेजी गई थी। वह उस लाल चूड़ी को ले जात

ा है और उसे अपने मालिक के पास ले जाता है।

मालिक उसे डांटता है और उसे अपने काम में लौट जाने

के लिए कहता है। लेकिन रामचंद्र को लगता है कि वह

अब अपने घर के बाहर कुछ जानता है जो उसे खतरे में

डाल सकता है।

एक दिन रामचंद्र के मालिक के घर में एक बर्फ वाला

दिन आता है। उस दिन वह अपने मालिक के घर में एक छो

टा बच्चा ले जाता है। वह उस बच्चे के लिए एक खास ख

ाना बनाता है जो उसके मालिक के घर के लिए बनाया जा

ता है।

उस दिन रामचंद्र को अपने मालिक के घर में एक अजीब

सी आवाज सुनाई देती है। वह उस आवाज की ओर जाता है

और वहाँ एक छोटा बच्चा बाहर बैठा हुआ है। उस बच्चे

के हाथ में एक छोटा लाल चूड़ी है।

रामचंद्र उस बच्चे के पास जाता है और उसे ले जाता

है। वह उस बच्चे के पास बैठता है और उससे बात करता

है। उस बच्चे के पास एक छोटा सा लाल चूड़ी है जो

उसके मालिक के घर से आई है।

रामचंद्र उस बच्चे के साथ उसके घर जाता है। वहाँ उ

सके मालिक के घर के लोग उसे ढूंढ़ रहे हैं। रामचंद

्र उस बच्चे के साथ छिप जाता है। उसके मालिक के घर

के लोग उसे ढूंढ़ते हैं लेकिन वह उस बच्चे के साथ

अपने घर वापस आ जाता है।

एक दिन रामचंद्र के मालिक के घर में एक बर्फ वाला

दिन आता है। उस दिन वह अपने मालिक के घर में एक छो

टा बच्चा ले जाता है। वह उस बच्चे के लिए एक खास ख

ाना बनाता है जो उसके मालिक के घर के लिए बनाया जा

ता है।

उस दिन रामचंद्र को अपने मालिक के घर में एक अजीब

सी आवाज सुनाई देती है। वह उस आवाज की ओर जाता है

और वहाँ एक छोटा बच्चा बाहर बैठा हुआ है। उस बच्चे

के हाथ में एक छोटा लाल चूड़ी है।

रामचंद्र उस बच्चे के पास जाता है और उसे ले जाता

है। वह उस बच्चे के पास बैठता है और उससे बात करता

है। उस बच्चे के पास एक छोटा सा लाल चूड़ी है जो

उसके मालिक के घर से आई है।

रामचंद्र उस बच्चे के साथ उसके घर जाता है। वहाँ उ

सके मालिक के घर के लोग उसे ढूंढ़ रहे हैं। रामचंद

्र उस बच्चे के साथ छिप जाता है। उसके मालिक के घर

के लोग उसे ढूंढ़ते हैं लेकिन वह उस बच्चे के साथ

अपने घर वापस आ जाता है।