मंदिर के पुजारी के बाहर एक नई गली खुलती है। वह ब

चपन से इस जगह के छायाछल्ला के नीचे रहा है, लेकिन

अब वहाँ एक नया घर बन गया है। उसके पिता ने उसे ब

ताया था कि इस जगह में कुछ लाल फटे कपड़े दफन हैं,

जो उसके घर के विरासत का हिस्सा हैं।

एक दिन, एक आदमी उसके घर के बाहर खड़ा होकर उसे बत

ाता है कि वह एक नए बिल्डिंग के लिए जमीन खरीद रहा

है। मंदिर पुजारी के लिए यह एक विशेष जगह है, लेक

िन अब उसे इसे खोने का डर होता है। उसे अपने पिता

के विरासत के बारे में सोचना पड़ता है।

उसके बाद वह एक बुरादर जाता है, जहाँ उसे एक पुरान

ा चिठ्ठा मिलता है। उसमें लिखा है कि उसके पिता ने

एक नई जगह पर अपने घर के टुकड़े छिपा दिए थे, जो

अब भी उसके घर के नीचे रह गए हैं। उसे यह जानकारी

बर्बरता से लगती है, क्योंकि वह अपने पिता के बारे

में अधिक नहीं जानता।

एक दिन, वह अपने घर के नीचे खोदता है। उसे एक लाल

कपड़ा मिलता है, जिसमें उसके पिता के हाथ के अक्षर

हैं। वह इसे अपने बाहर निकालता है, लेकिन अब उसके

घर के बाहर एक नई इमारत बन रही है। वह अपने घर के

नीचे खोदने के बाद अपने घर के अंदर बैठ जाता है।

शहर बदल रहा है। उसके पिता के बारे में जानकारी उस

े एक नए तरीके से अकेलापन में बर्बरता से लगती है।

वह अपने बाहर के घर को खो देता है, लेकिन अपने अं

दर के विरासत के साथ जीत जाता है।