1920 के दशक में, एक गांव में एक धार्मिक गुरु के

पुत्र को अपने जन्मदिन पर एक खेल के लिए बुलाया जा

ता है। वह एक क्रिकेट मैच देखता है, जो उसके जीवन

के लिए नया रास्ता खोल देता है।

उसके गुरु ने एक नियम बनाया है: कोई भी लड़का अपनी

जाति के बाहर के लोगों के साथ खेल नहीं कर सकता।

लेकिन उस दिन एक शहरी लड़का आता है और उसके साथ खे

लने के लिए तैयार हो जाता है। गुरु के चेहरे पर रु

ष्टता फैल जाती है।

गांव में एक अजीब संग्राम शुरू होता है। लोग इस खे

ल के बारे में बात करते हैं, लेकिन गुरु अपने नियम

ों के लिए जत्था बना लेता है। एक दिन, गुरु ने एक

लड़के को नियम तोड़ने के कारण अपने गांव से निकाल

दिया। वह लड़का शहर के एक क्रिकेट क्लब में जाता ह

ै और उसके बाद वहाँ एक नई खेल की दुनिया खुल जाती

है।

गुरु के छोटे भाई को अपने भाई के नियमों पर शंका ह

ोती है। वह अपने भाई के साथ बात करता है और उसे बत

ाता है कि जाति के बाहर के लोग भी खेल सकते हैं। ग

ुरु ने अपने भाई को एक नियम बनाया: कोई भी लड़का अ

पने जाति के बाहर के लोगों के साथ खेल नहीं कर सकत

ा। लेकिन उसके भाई को यह नियम अजीब लगता है।

एक दिन, गुरु के छोटे भाई एक शहरी लड़के के साथ खे

लता है। उसके गांव के लोग इस बात से बुरा नहीं होत

े, लेकिन गुरु इसे अपने नियमों के खिलाफ मानता है।

वह अपने भाई को घर से निकाल देता है।

गुरु के भाई के जाने के बाद, गांव में एक नया खेल

की दुनिया खुल जाती है। लोग शहरी लोगों के साथ खेल

ते हैं, और उनके बीच एक नया जीवन शुरू हो जाता है।

गुरु के भाई के जाने के बाद, गुरु को अपने नियमों

पर शंका होती है।

एक दिन, गुरु अपने भाई के साथ खेलता है। उनके बीच

एक नया संग्राम शुरू होता है, लेकिन अंत में वे एक

दूसरे के नियमों को समझ लेते हैं। गुरु के भाई ने

अपने नियमों को बदल दिया, और गुरु भी अपने नियमों

को बदल लेता है।

खेल के बाद, गुरु अपने गांव में एक नए तरीके से लो

गों के साथ रहता है। उसके लिए जाति के बाहर के लोग

भी खेल सकते हैं। और गुरु के भाई के जाने के बाद,

गांव में एक नया खेल की दुनिया खुल जाती है।