1943 के एक छोटे गांव में, रामचंद्र नामक एक कॉलेज

प्रोफेसर अपनी बीबी के साथ वापस आता है। वह अपने

जातिसंघर्ष के खून से भरे इतिहास को बदलने के लिए

वापस आया है। गांव के लोग उसे देखकर चौंक जाते हैं

, क्योंकि वह अपने नाम के साथ एक नई संस्कृति लेकर

आया है।

उसके आने के बाद, गांव में एक नया विवाह प्रथा शुर

ू होती है। यह विवाह पुरुषों के अधिकार के बजाय दो

नों पक्षों के बराबरी की ओर ले जाता है। लेकिन इस

नए ढांचे के खिलाफ एक छोटा सा अपराध जगत बन जाता ह

ै, जो उसे नियंत्रित करना चाहता है।

रामचंद्र के घर में एक दिन अजीब सी चीज होती है। ए

क नामी अपराधी उसके घर में घुस जाता है और उसे धमक

ी देता है कि उसकी नई विवाह प्रथा गांव के अंदर नह

ीं रह सकती। रामचंद्र अपने गांव के लोगों के सामने

खड़ा हो जाता है और अपने विचारों को साफ कर देता

है।

गांव के लोग उसके साथ खड़े हो जाते हैं। वे अपने व

िवाह के अधिकार के लिए लड़ते हैं। एक दिन अपराधी फ

िर घुस जाता है, लेकिन इस बार गांव के लोग उसे बर्

बरता से निकाल देते हैं।

रामचंद्र के घर में एक नई बात शुरू होती है। उसकी

बीबी अपने पति के साथ एक नई जिंदगी बनाने के लिए त

ैयार हो जाती है। गांव में एक नया संस्कृति के अधि

कार की शुरुआत होती है, जो अब अपराध जगत के ऊपर नह

ीं रह सकता।