गांव के बुद्धिमान रामचंद्र गांव के गांव के आसपास

के जंगलों में रहता है। उसका घर एक छोटा सा खेत ह

ै जहां वह अपने दादा के बाद खेती करता है। एक दिन

उसे एक लेटर मिलता है जिसमें उसे मुंबई के एक गृह

निर्माण कार्य में काम करने के लिए बुलाया जाता है

। उसे अपने गांव के लोगों के साथ एक सामुदायिक एकत

ा की जिम्मेदारी दी जाती है।

मुंबई में उसे एक नए तरह की जगह मिलती है। यहां लो

ग अकेले रहते हैं, जबकि गांव में सभी एक दूसरे के

साथ रहते हैं। रामचंद्र के लिए यह एक बड़ा बदलाव ह

ै। वह अपने गांव के लोगों के साथ एक सामुदायिक एकत

ा की जिम्मेदारी लेता है और इसके लिए वह मुंबई में

एक नए घर बनाने के लिए अपने गांव के लोगों को ले

जाता है।

मुंबई में एक नया घर बनाने के दौरान रामचंद्र के स

ाथ एक बड़ी घटना होती है। एक दिन उसे एक बड़ा निर्

णय लेना पड़ता है। वह अपने गांव के लोगों को अपने

घर में रख सकता है या वह उन्हें मुंबई में अलगअलग

जगहों पर बसाने के लिए ले जा सकता है। उसे यह फैसल

ा करना पड़ता है कि वह कौन सा रास्ता अपनाए।

अंत में रामचंद्र अपने गांव के लोगों को एक साथ रख

ता है। वह एक छोटा सा घर बनाता है जहां वे सभी एक

साथ रह सकते हैं। इस घर में वे सभी एक दूसरे के सा

थ रहते हैं और एक सामुदायिक एकता बनाते हैं। रामचं

द्र के लिए यह एक बड़ा बदलाव है, लेकिन वह अपने लो

गों के साथ एक सामुदायिक एकता बनाने में सफल रहता

है।