मंदिर के गर्भगृह में एक छोटा बच्चा रो रहा था। उस

के ऊपर एक लंबा तीर लगा हुआ था, जो बरसात के दिनों

में जमीन से उठा गया था। मंदिर पुजारी ने उसे उठा

या और अपने आंगन में रख दिया। बच्चा अपने मांबाप क

े बारे में कुछ नहीं जानता था, लेकिन उसके हाथ में

एक लाल फीता था, जिस पर एक लिखावट थी।

मंदिर के बाहर लोग एक अजीब सी चीज के बारे में बात

कर रहे थे—एक नई विधि, जो देवी के नाम पर लोगों क

ो नए रास्ते दिखा रही थी। मंदिर पुजारी ने इसे ठीक

समझा और बच्चे को अपने गृह में रख दिया। लेकिन बच

्चा जल्दी ही अपने मांबाप की खोज में निकल गया, जो

एक नए विश्व में रहते थे, जहां लोग अपने विश्वासो

ं को बदल देते थे।

मंदिर के बाहर एक लड़की ने बच्चे को देखा और उसके

हाथ में फीता देखा। वह एक शहर के लड़के की बेटी थी

, जो अपने पिता के नाम पर लोगों को नए रास्ते दिखा

रही थी। उसने बच्चे को अपने साथ ले लिया और उसे ए

क नए विश्व में ले गई, जहां विवाह एक विचार के बजा

य एक नियम बन गया था।

मंदिर पुजारी ने बच्चे के लिए एक अलग रास्ता तलाशा

, लेकिन वह अपने विश्वासों से बाहर निकल गया। लड़क

ी ने बच्चे के बारे में अपने पिता को बताया, जो एक

नए विश्व में रहते थे, जहां लोग अपने नाम बदल देत

े थे। लेकिन बच्चे ने अपने मांबाप के बारे में जान

ना चाहा, जिन्हें उसके हाथ में फीता था।

मंदिर पुजारी ने अपने गृह में एक नए विश्व की खोज

की, जहां लोग अपने विश्वासों को बदल देते थे। लेकि

न बच्चे ने अपने मांबाप के बारे में जानना चाहा, ज

िन्हें उसके हाथ में फीता था। लड़की ने उसे एक नए

विश्व में ले गई, जहां विवाह एक विचार के बजाय एक

नियम बन गया था।

अंत में, बच्चा अपने मांबाप के पास पहुंच गया, जो

एक नए विश्व में रहते थे, जहां लोग अपने नाम बदल द

ेते थे। मंदिर पुजारी ने अपने गृह में एक नए विश्व

की खोज की, जहां लोग अपने विश्वासों को बदल देते

थे।