गली के एक छोटा दुकानदार अपने दुकान में रोजगार के
लिए दूसरों के लिए खाना बनाता है। उसके पास छोटा
एक बच्चा है जो अपने पिता की आंखों में देखकर शिक्
षा के सपने देखता है।
उसकी दुकान एक ऐसे इलाके में है जहां सभी लोग अपने
घरों में रहते हैं, लेकिन एक दिन एक नई गतिविधि श
ुरू होती है—एक सामाजिक सुधार अभियान जो लोगों के
बीच शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देता है।
छोटा दुकानदार अपने बच्चे के लिए एक छोटा विद्यालय
खोलता है, जो उसके दुकान के पीछे के कमरे में होत
ा है। उसके बच्चे के साथसाथ अन्य बच्चे भी आते हैं
और उन्हें पढ़ाई दी जाती है।
एक दिन एक अफसर आता है जो इस अभियान के लिए जांच क
र रहा है। उसके जांच के बाद छोटा दुकानदार को एक न
ई नीति के तहत अपने दुकान के पीछे के कमरे को बंद
करना पड़ता है।
छोटा दुकानदार अपने बच्चे के सपने को पूरा करने के
लिए अपने दुकान को बंद कर देता है और एक नए घर मे
ं रहने का फैसला करता है। वह अपने बच्चे के साथ एक
छोटा विद्यालय खोलता है जो उसके घर में होता है।
अंत में, छोटा दुकानदार अपने बच्चे के साथ एक नए ज
ीवन की शुरुआत करता है और उसके बच्चे अपने पिता की
आंखों में देखकर शिक्षा के सपने देखते हैं।


