1950 के शुरुआत में एक छोटे शहर में, जहाँ प्रलय क
े बाद नए नियम बने थे, एक आधुनिक बेटी राधा अपने व
्यवस्था विवाह के बाद अपने घर आई। उसके पिता के आद
ेश पर वह अपने चचेरे भाई के बेटे राजेश से विवाह क
र चुकी थी। उस दिन उसके चेहरे पर अपने दिल के बारे
में बात करने की हिम्मत नहीं थी।
उसके घर में एक नया नियम लागू हो गया था: प्रत्येक
विवाहित जोड़ा अपने घर के लिए एक नए नियम बनाएगा,
जो उस विवाह के लिए अनिवार्य होगा। राधा ने इस नि
यम के तहत अपने घर में एक नया नियम बनाया—प्रेम अप
ने दिल के अनुसार होगा, न कि बाहर से बंधे विवाह क
े नियम के अनुसार। लेकिन उसके पिता ने इस नियम को
अस्वीकृत कर दिया और उसे अपने घर में रहने के लिए
नए नियम को वापस लेने के लिए कहा।
राधा ने अपने दिल के बारे में अपने दिल के अपने दो
स्त से बात की। वह एक नए शहर में एक विद्यार्थी था
, जिसे उसने अपने विवाह के बाद देखा था। उस दिन उस
के दिल में एक अजीब आशा उठी थी, जिसे वह अब छिपा न
हीं सकती थी। उस दिन उसने अपने घर में एक नए नियम
के तहत अपने दिल के बारे में बात की, जिसे उसके पि
ता ने निषेध कर दिया।
उस रात राधा अपने घर से भाग गई। वह अपने दिल के अप
ने दोस्त के पास गई और अपने दिल के बारे में बात क
ी। उस दिन उसके दिल में एक नई आशा उठी, जो उसके घर
में नहीं रह सकती थी। वह अब अपने दिल के अपने दोस
्त के साथ एक नए जीवन की तलाश में थी।
उस दिन उसके घर में एक नए नियम के तहत एक नई आशा उ
ठी, जिसे उसके पिता ने निषेध कर दिया। लेकिन राधा
अब अपने दिल के बारे में बात कर सकती थी, जो उसके
घर में नहीं रह सकती थी।
उसके घर में एक नए नियम के तहत एक नई आशा उठी, जो
अब उसके दिल में रहेगी।


