एक्शन, रोमांच, sci-fi और अधिक — रोज़ नई कहानियाँ
स्वतंत्रता के दिनों में एक बहू की कहानी
एक आदर्श बहू, सामुदायिक एकता के झंडे तले अपने पति के सा थ भारत के विभाजन के घातक दौर में फंस जाती है।
संस्कृति के छाया में
एक कॉलेज प्रोफेसर अपने गांव में सांस्कृतिक पहचान के झंड े लेकर आता है, लेकिन वहां एक अपराध जगत के घेरे में फंस जाता है।
डिजिटल झांसा
एक विदेश लौटे एनआरआई की डिजिटल धोखाधड़ी से गुजरती जीवन बदल जाती है, जब उसकी पुरानी जिंदगी और नई तकनीक के बीच ट कराव होता है।
मंदिर के द्वार पर
एक मंदिर पुजारी के सामने पारिवारिक संपत्ति विवाद खड़ा ह ोता है, जब एनआरआई बेटा लौटता है। रेट्रो दौर की यादें और विषाद इस घटना में फंस जाते हैं।
सीमा के नीचे
एक महत्वाकांक्षी छात्र स्वतंत्रता संग्राम के उबरते दिनो ं में अपने संयुक्त परिवार के बंधनों के बीच फंस जाता है, जब देशभक्ति की आग उसके लिए एक चुनौती बन जाती है।
गांव का विद्रोही
एक ग्रामीण युवक अपने प्रेम के लिए व्यवस्था विवाह के खिल ाफ खड़ा होता है, जबकि आधुनिक जीवन के बदलाव उसके रास्ते में आ जाते हैं।
मंदिर के छाया-छल्ला
एक मंदिर पुजारी अपने विरासत की खोज में स्वतंत्रता पूर्व के घावों से जूझता है, जब शहरी अकेलापन उसके जीवन को चुन ौती देता है।
संग्राम का टेलीग्राम
एक ईमानदार पुलिसकर्मी, एक तकनीकी आविष्कार और जातिगत संघ र्ष के बीच, अपने देश के भविष्य को बदल देता है।
संयुक्त देशों का राजदूत
एक कठोर पिता, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के माध्यम से अपने बेटे के लैंगिक रूढ़ि तोड़ने के फैसले के सामने खड़ा होता है, जबकि उसके घर में एक काल्पनिक इतिहास चल रहा है।
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