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रोमांस, ड्रामा और भावनात्मक कहानियाँ — रोज़ अपडेट

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आखिरी दीवाली का बोझ

आखिरी दीवाली का बोझ

महिलास्वतंत्रता पूर्वपौराणिक पुनर्कथनशहरी व्यापारीत्योहार में नाटकउदास
आज़ाद बेटी 1,768 शब्द 62 बार देखा
एक शहरी व्यापारी के परिवार में सालों से चली आ रही त्योह ार की रीति, 1947 के भागदौड़ और जातिगत घावों के बीच टूटत ी है। एक महिला की आवाज़ में छुपा पौराणिक पुनर्कथन, उसके नाम के साथ देश के अंतिम दिनों की धूल खींच लेता है।
खाकी के दौर में एक बल्ला

खाकी के दौर में एक बल्ला

महिलास्वतंत्रता पूर्वक्रिकेट प्रेमभ्रष्ट नेताअपराध जगत में प्रवेशक्रोधित
क्रांति कुमारी 1,945 शब्द 79 बार देखा
एक गांव की बेटी, स्वतंत्रता के खून से लथपथ अतीत को भुला ने के लिए अपराध जगत में कदम रखती है। उसके चाहने वाले भ् रष्ट नेता के जाल में फंसी और एक क्रिकेट मैच के दौरान जा ति के घाव फिर से खुल जाते हैं — जहाँ तलवार बल्ले से ज्य ादा तेज होती है।
चांद और कुंडली

चांद और कुंडली

महिलास्वतंत्रता पूर्वसंयुक्त परिवारछोटा दुकानदारलैंगिक रूढ़ि तोड़नारहस्यमयी
भारत पुत्री 1,504 शब्द 33 बार देखा
एक छोटे दुकानदार की बेटी समाज के लैंगिक रूढ़ि के खिलाफ एक अस्पष्ट रहस्य में फंस जाती है, जब उसके प्रेमी एक विद ेशी छात्र होता है।
स्वतंत्रता के आगे एक नई सीमा

स्वतंत्रता के आगे एक नई सीमा

महिलास्वतंत्रता पूर्वडिजिटल क्रांतिगाँव का बुद्धिमानलैंगिक रूढ़ि तोड़नाशांत
मुक्ति देवी 1,872 शब्द 44 बार देखा
एक गांव के बुद्धिमान ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान डिज िटल क्रांति की शुरुआत की, जिससे लैंगिक रूढ़ियों के झंझट में घिरे एक महिला के जीवन में तबाही आई।
दादी का विश्वास

दादी का विश्वास

महिलास्वतंत्रता पूर्वसांस्कृतिक पहचानरूढ़िवादी दादीक्रिकेट मैच जीतनाशांत
देश सेवा 851 शब्द 70 बार देखा
एक रूढ़िवादी दादी के लिए अपने गांव में एक क्रिकेट मैच ज ीतना, जो उसके सांस्कृतिक पहचान के खिलाफ बर्बरता के एक न ए युग के शुरू होने का संकेत है।
भूत और भ्रष्टाचार की छाया

भूत और भ्रष्टाचार की छाया

महिलास्वतंत्रता पूर्वग्रामीण जीवनभ्रष्ट नेतापुरानी हवेली का भूतउदास
देश सेवा 1,398 शब्द 93 बार देखा
एक गांव में पुरानी हवेली के भूत और एक भ्रष्ट नेता के बी च संघर्ष उठता है, जब एक महिला अपने ग्रामीण जीवन को बचान े के लिए उदास दुनिया में खुद को खो देती है।
स्वतंत्रता के छाया में

स्वतंत्रता के छाया में

महिलास्वतंत्रता पूर्वमाफिया और अपराधरूढ़िवादी दादीसाहित्यिक मान्यतातनावपूर्ण
क्रांति कुमारी 1,268 शब्द 96 बार देखा
एक रूढ़िवादी दादी के साहित्यिक उत्कृष्टता के लिए लड़ाई, जो स्वतंत्रता पूर्व के अपराध और माफिया नेटवर्क में फंस जाती है।